
पटना: बिहार में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। सरकार की योजना है कि राज्य में बेंगलुरु की तर्ज पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिटी विकसित की जाए। इस परियोजना के जरिए देश की बड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिससे बिहार में उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार होंगे।
सूत्रों के अनुसार, उद्योग विभाग इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए बेंगलुरु के मॉडल का अध्ययन कर रहा है। वहां की इलेक्ट्रॉनिक सिटी देश-विदेश की कई बड़ी तकनीकी कंपनियों का केंद्र है और उसी तरह का औद्योगिक माहौल बिहार में भी तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
एक लाख लोगों को मिल सकता है रोजगार
सरकार का मानना है कि अगर यह परियोजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो राज्य में रोजगार के अवसरों में बड़ा इजाफा होगा। अनुमान है कि इलेक्ट्रॉनिक सिटी के शुरू होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। इससे खासतौर पर तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर नौकरी के अवसर मिलेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक सिटी में बनेंगे कई तकनीकी उत्पाद
प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक सिटी में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी से जुड़े कई प्रकार के उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। यहां इलेक्ट्रॉनिक चिप, ट्रांजिस्टर, माइक्रोप्रोसेसर, इंटीग्रेटेड सर्किट जैसे मुख्य तकनीकी उपकरणों के निर्माण की संभावना है। इसके अलावा कंप्यूटर, मोबाइल फोन, डिजिटल कैमरा, ऑडियो सिस्टम और अन्य स्मार्ट उपकरणों का उत्पादन भी यहां किया जा सकता है।
इन उद्योगों के आने से राज्य में तकनीकी उत्पादन के साथ-साथ रिसर्च और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
बेंगलुरु मॉडल से मिलेगी प्रेरणा
बताया जा रहा है कि उद्योग विभाग की टीम बेंगलुरु जाकर वहां की इलेक्ट्रॉनिक सिटी का अध्ययन करेगी। वहां के औद्योगिक ढांचे, सुविधाओं और निवेश मॉडल को समझकर बिहार के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। इसके आधार पर राज्य में आधुनिक तकनीकी पार्क और औद्योगिक केंद्र विकसित किए जाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
नई इलेक्ट्रॉनिक सिटी में कंपनियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं देने की तैयारी है। इसमें चौड़ी सड़कें, लगातार बिजली आपूर्ति, हाई-स्पीड इंटरनेट, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा स्टार्टअप कंपनियों और नए उद्यमियों को भी यहां अवसर देने की योजना है।
बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं का पलायन भी कम हो सकता है। अगर योजना तय समय पर लागू होती है तो आने वाले वर्षों में बिहार तकनीकी उद्योगों के लिए एक नया केंद्र बन सकता है।





