
नई दिल्ली। देश में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा में बड़ी संख्या में महिलाओं को नियुक्त किया है। सरकार के अनुसार अब देशभर में हजारों टोल बूथों पर महिलाएं दिन की शिफ्ट में कार्य करते हुए टोल प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 5,000 से अधिक महिला कर्मचारियों को विभिन्न टोल प्लाजा पर तैनात किया गया है। ये महिलाएं मुख्य रूप से दिन की ड्यूटी के दौरान टोल वसूली और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
बताया गया है कि यह नियुक्तियां देश के राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर स्थित 1,100 से अधिक टोल प्लाजा में की गई हैं। इस पहल का उद्देश्य टोल संचालन को अधिक समावेशी बनाना और महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलेगा, बल्कि टोल प्लाजा पर कार्य संस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर महिला कर्मचारियों की तैनाती से यात्रियों के साथ व्यवहार और व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे और परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पहले की तुलना में तेजी से बढ़ रही है। टोल प्लाजा जैसे स्थानों पर महिलाओं की उपस्थिति यह दिखाती है कि अब वे पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
इस पहल के जरिए सरकार का लक्ष्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता को मजबूत करना है। आने वाले समय में यदि यह योजना सफल रहती है तो अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की पहल देखने को मिल सकती है।
देशभर में बढ़ती सड़कों और एक्सप्रेसवे के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। ऐसे में महिलाओं को इन अवसरों से जोड़ना न केवल सामाजिक बदलाव की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस पहल से यह संदेश भी जाता है कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और देश के विकास में बराबर की भागीदारी निभा रही हैं।





