मनामा, एजेंसी : भारतीय बैडमिंटन जगत के स्टार शटलर एच. एस. प्रणय ने एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म साबित करते हुए बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए छठी बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल खेल प्रेमियों बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
प्रणय लंबे समय से भारतीय बैडमिंटन टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी माने जाते हैं। कठिन मुकाबलों में धैर्य, फिटनेस और सटीक स्मैश उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने बेहतरीन रणनीति अपनाते हुए प्रतिद्वंद्वी को ज्यादा मौका नहीं दिया और मैच अपने नाम कर लिया।
करियर की शुरुआत और संघर्ष
प्रणय का खेल सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दिनों में उन्हें चोटों और खराब फॉर्म जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार अभ्यास और मेहनत के दम पर उन्होंने खुद को फिर से साबित किया।
उनकी यही लगन उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत खिलाड़ी बनाती है।
कई बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन
उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और पदक भी दिलाए।
. टीम चैंपियनशिप में अहम जीत
. अंतरराष्ट्रीय ओपन टूर्नामेंट में खिताब
. विश्व स्तर पर भारत की पहचान मजबूत
. उनकी जीत खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ समय से वे लगातार उच्च रैंकिंग खिलाड़ियों को हराते आ रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
प्रणय की कहानी युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश देती है कि कठिनाइयाँ चाहे जितनी हों, निरंतर मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है। आज देश के कई युवा उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वे इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले ओलंपिक और बड़े टूर्नामेंट में भारत को उनसे पदक की उम्मीद रहेगी।
यह जीत केवल एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय बैडमिंटन की बढ़ती ताकत का संकेत है। प्रणय की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि भारत अब विश्व खेल मंच पर मजबूत दावेदार बन चुका है।


















