पटना: शहर में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यातायात पुलिस ने चालान प्रणाली में अहम बदलाव किया है। अब सड़क नियम तोड़ने पर वाहन चालकों का चालान पहले की तरह एक ही दिन में कई-कई बार नहीं कटेगा। विभाग ने नई तकनीकी व्यवस्था लागू कर दी है, जिसके तहत एक विशेष पहचान प्रक्रिया के जरिए ही चालान जारी होगा।
क्यों जरूरी पड़ा बदलाव
पिछले कुछ समय से लोग शिकायत कर रहे थे कि एक ही गलती के लिए अलग-अलग स्थानों पर खड़े ट्रैफिक कर्मियों द्वारा बार-बार चालान कर दिया जाता है। कई वाहन चालकों ने बताया कि सुबह किसी चौराहे पर चालान कटने के बाद दोपहर या शाम में फिर वही उल्लंघन मानकर चालान बना दिया जाता था। इससे आम लोगों में नाराज़गी बढ़ रही थी।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक विभाग ने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की। अधिकारियों ने पाया कि चालान की जानकारी तुरंत सभी चेकिंग प्वाइंट तक नहीं पहुंचने से यह समस्या पैदा हो रही थी।
अब कैसे काम करेगी नई प्रणाली
नई व्यवस्था में वाहन की पहचान तीन अलग-अलग आधारों से की जाएगी। जैसे ही किसी वाहन का चालान दर्ज होगा, उसकी जानकारी तुरंत सिस्टम में अपडेट हो जाएगी और अन्य ट्रैफिक कर्मियों के मोबाइल डिवाइस में दिखाई देगी।
इसका सीधा फायदा यह होगा कि उसी दिन उसी गलती के लिए दोबारा चालान नहीं बनाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब हर चालान रियल-टाइम रिकॉर्ड से जुड़ा रहेगा। चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी वाहन नंबर डालते ही यह देख सकेंगे कि उस वाहन पर पहले से कार्रवाई हो चुकी है या नहीं।
आंकड़े भी चिंताजनक
ट्रैफिक विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक बीते एक साल में लाखों चालान काटे गए हैं। औसतन रोजाना दर्जनों वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं। हेलमेट न पहनना, रेड लाइट पार करना और बिना दस्तावेज वाहन चलाना सबसे सामान्य कारण हैं।
आम लोगों को क्या राहत
नई व्यवस्था लागू होने से वाहन चालकों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक ही दिन में कई जगह जुर्माना भरने की परेशानी खत्म हो जाएगी।
अब यदि किसी चालक का चालान हो चुका है, तो उसी उल्लंघन के लिए उसे दोबारा दंडित नहीं किया जाएगा। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
पुलिस की अपील
ट्रैफिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा नियम तोड़ने की छूट नहीं है। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और हेलमेट, सीट बेल्ट तथा सिग्नल नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। नई प्रणाली केवल अनावश्यक परेशानी रोकने के लिए लागू की गई है।
मानवीय पहलू
कई वाहन चालकों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले वे खुद को बेबस महसूस करते थे, क्योंकि चालान कटने के बाद भी उन्हें बार-बार रोका जाता था। अब उन्हें भरोसा है कि व्यवस्था पारदर्शी बनेगी और पुलिस-जनता के बीच विश्वास भी बढ़ेगा
ट्रैफिक पुलिस का यह फैसला प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तकनीक के इस्तेमाल से न केवल शिकायतें कम होंगी बल्कि सड़क व्यवस्था भी ज्यादा व्यवस्थित और भरोसेमंद बनने की उम्मीद है।

















