नई दिल्ली:
भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी टी20 विश्व कप अभियान से पहले एक अहम निर्णय सामने आया है। क्रिकेट प्रशासन ने साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के परिवारजन टीम के साथ नहीं ठहर सकेंगे। यह कदम टीम की तैयारी, अनुशासन और फोकस बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक टीम मैनेजमेंट ने पहले इस बारे में स्पष्टता मांगी थी कि क्या पत्नी या मंगेतर खिलाड़ी के साथ यात्रा कर सकती हैं और उनके साथ रह सकती हैं। जवाब में बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया कि खिलाड़ियों के परिवार अलग व्यवस्था में रह सकते हैं, लेकिन टीम होटल या कैंप का हिस्सा नहीं बनेंगे।
क्यों लिया गया फैसला?
. लंबी विदेशी यात्राओं के दौरान खिलाड़ियों का ध्यान बंटने की शिकायतें सामने आई थीं।
. टीम मीटिंग और रणनीति सत्रों में कुछ खिलाड़ियों की अनुपस्थिति भी नोट की गई थी।
. सपोर्ट स्टाफ ने सुझाव दिया कि सख्ती से प्रोफेशनल माहौल बनाए रखना जरूरी है।
. हालांकि बोर्ड ने थोड़ी छूट भी रखी है। यदि कोई दौरा 45 दिन से अधिक लंबा हो, तो सीमित समय (करीब दो हफ्ते) के लिए परिवार साथ रह सकता है, लेकिन वह भी अलग ठहरने की व्यवस्था में।
यात्रा और तैयारी की योजना
भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान चार्टर्ड फ्लाइट से यात्रा करेगी। खिलाड़ियों के निजी शेफ भी रहेंगे, लेकिन उन्हें होटल के बाहर निर्धारित स्थान पर खाना तैयार करना होगा और वहीं से खिलाड़ियों तक पहुंचाया जाएगा।
पिछले कुछ वर्षों में, खासकर कोविड काल के बाद, खिलाड़ियों को पूरे दौरे में परिवार साथ रखने की अनुमति दी जाती रही थी। मगर टीम के अंदरूनी अनुशासन और तैयारी पर असर देखने के बाद बोर्ड ने पुरानी नीति को फिर लागू करने का फैसला लिया।
मतलब साफ है — इस बार विश्व कप में टीम इंडिया पूरी तरह “क्रिकेट मोड” में रहेगी, ताकि मैदान पर प्रदर्शन पर ही पूरा ध्यान रहे।



















