
विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीम को 72 रन से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने न केवल अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की बल्कि सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना भी कायम रखी। मैच में भारतीय बल्लेबाज़ों ने शानदार तालमेल दिखाया और बड़े स्कोर का मजबूत आधार तैयार किया।
टॉस जीतने के बाद भारत ने पहले बल्लेबाज़ी चुनी और शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज़ अपनाया। पावरप्ले में तेज रन गति ने विरोधी गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया। ओपनिंग जोड़ी ने तेज शुरुआत दी, जिसके बाद मध्यक्रम ने जिम्मेदारी संभाली।
रोहित-गिल की नींव, मध्यक्रम ने बढ़ाया दबदबा
सलामी बल्लेबाज़ों ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। शुभमन गिल ने तेज़ अंदाज़ में रन बनाए, जबकि कप्तान रोहित शर्मा ने भी तेजी से रन जोड़कर रनरेट ऊँचा रखा। इसके बाद विराट कोहली ने संयमित बल्लेबाज़ी करते हुए पारी को स्थिरता दी।
मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने आक्रामक बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया। उन्होंने चौके-छक्कों की मदद से तेजी से रन जोड़े और स्कोर को बड़े स्तर तक पहुंचा दिया। साथ ही अन्य बल्लेबाज़ों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिससे टीम का कुल स्कोर 400 रन के करीब पहुंच गया — जो विश्व कप इतिहास में भारत के बड़े स्कोरों में शामिल हो गया।
रिकॉर्डों की झड़ी
इस मुकाबले में कई अहम रिकॉर्ड बने —
भारतीय टीम ने एक मैच में 400 के आसपास रन बनाकर बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया।
टीम की पारी में 17 छक्के लगे, जो विश्व कप में भारत के सर्वाधिक छक्कों में गिने जा रहे हैं।
कप्तान रोहित शर्मा ने लगातार मैचों में अर्धशतक लगाने की उपलब्धि हासिल की।
यह स्कोर भारत के खिलाफ विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य साबित हुआ।
गेंदबाज़ों ने भी निभाई अहम भूमिका
बड़े लक्ष्य का बचाव करने उतरी भारतीय गेंदबाज़ी इकाई ने भी निराश नहीं किया। शुरुआती ओवरों में ही विकेट लेकर विरोधी टीम को दबाव में डाल दिया गया। तेज गेंदबाज़ों ने नई गेंद से बढ़त दिलाई, जबकि स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति रोक दी।
नतीजतन विरोधी टीम निर्धारित ओवरों में 184 रन ही बना सकी और भारत ने 72 रन से शानदार जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल की राह आसान
इस जीत के बाद टीम इंडिया के लिए नॉकआउट चरण की राह काफी आसान हो गई है। अब अंतिम मुकाबले में जीत या बेहतर नेट रन रेट टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा सकता है। खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
प्रशंसकों में उत्साह
देशभर में क्रिकेट प्रेमियों ने इस जीत का जश्न मनाया। सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों की बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी की जमकर सराहना हो रही है। खासकर हार्दिक पांड्या की तेज पारी और गेंदबाज़ों के अनुशासित प्रदर्शन को जीत का असली कारण माना जा रहा है।
भारतीय टीम ने इस मैच में हर विभाग में संतुलित प्रदर्शन किया — बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फील्डिंग। यदि यही लय जारी रहती है तो टीम के लिए विश्व कप खिताब की राह और भी मजबूत हो सकती है। यह जीत सिर्फ एक मैच की सफलता नहीं बल्कि टीम के आत्मविश्वास और तैयारी का प्रमाण भी








