Semiconductor in India: बजट 2026-27 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान, 40 हजार करोड़ का प्रावधान

नई दिल्ली:
भारत को सेमीकंडक्टर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन को 22 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।

वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में भारत को मजबूत बनाने की तैयारी

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि ISM 2.0 का उद्देश्य भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में एक मजबूत और भरोसेमंद भागीदार बनाना है। उन्होंने बताया कि ISM 1.0 के तहत फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और डिजाइन में किए गए निवेश से देश की क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

ISM 2.0 के तहत क्या होगा खास?

नए मिशन के तहत सरकार की योजना केवल असेंबली और टेस्टिंग तक सीमित न रहकर एक फुल-स्टैक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने की है। इसमें

  • सेमीकंडक्टर उपकरणों और मटेरियल का उत्पादन

  • भारतीय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) का डिजाइन

  • लोकल सप्लाई चेन को मजबूत करना
    जैसे अहम पहलुओं पर फोकस किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मिला बूस्ट

वित्त मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2025 में शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इस योजना के तहत मिले निवेश प्रस्ताव शुरुआती लक्ष्य से लगभग दोगुने हो चुके हैं। इसी रफ्तार को बनाए रखने के लिए सरकार ने इसका बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है।

आयात निर्भरता घटाने और वैल्यू एडिशन बढ़ाने पर जोर

सरकार का मानना है कि बढ़े हुए बजट से

  • इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में लोकल वैल्यू एडिशन बढ़ेगा

  • जरूरी कंपोनेंट्स के आयात पर निर्भरता कम होगी

  • भारतीय कंपनियों को वैश्विक सप्लाई चेन में बेहतर अवसर मिलेंगे

उद्योग जगत ने किया फैसले का स्वागत

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। ऑप्टिमस इंफ्राकॉम के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अशोक गुप्ता ने कहा कि सरकार स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने उद्योग जगत से मिलकर इस पहल को सफल बनाने की अपील की।

रोजगार और उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

हाल ही में केंद्र सरकार ने ECMS के तीसरे चरण के तहत 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनसे करीब 41,863 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। इन परियोजनाओं से

  • लगभग 2.58 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन

  • और करीब 34,000 प्रत्यक्ष रोजगार
    सृजित होने की उम्मीद है।

  • Ayush Mishra

    journalist

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