सासाराम, बिहार – लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को बिहार की ऐतिहासिक धरती से अपनी नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा का नाम उन्होंने वोटर अधिकार यात्रा रखा है। उद्घाटन कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी और कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मंच पर मौजूद रहे। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर सीधे हमले किए और कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि यह केवल चुनाव जीतने या हारने का सवाल नहीं है, बल्कि यह संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने वर्ष 2023 में चुनाव आयोग कानून में बदलाव करके आयोग की स्वतंत्रता को खत्म कर दिया। इसके बाद आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया और लाखों असली मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा की रणनीति साफ है – असली वोटरों को हटाओ और नकली वोट जोड़ो। राहुल गांधी ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में एक करोड़ से ज्यादा वोटर जोड़े गए और ज्यादातर भाजपा गठबंधन के समर्थन में डाले गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता असली मुद्दों पर भाजपा से सवाल कर रही थी, उसी समय मतदाता सूची में गड़बड़ी कर चुनाव को प्रभावित करने की साजिश रची गई।
सभा में राहुल गांधी ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहां से उठी आवाज पूरे देश में गूंजेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई में आगे आएं और भाजपा के वोट चोरी के प्रयासों को नाकाम करें।
इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह यात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन है जो संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया है।
सभा में मौजूद हजारों की भीड़ ने कांग्रेस नेताओं का जोरदार स्वागत किया और लोकतंत्र बचाने के नारे लगाए। बिहार से शुरू हुई यह यात्रा अब देश के अलग-अलग राज्यों में जाएगी और मतदाता अधिकार की लड़ाई को मजबूत करेगी।


















