
पटना,
रामनवमी के पावन अवसर को लेकर बिहार की राजधानी पटना में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस बार त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। खास बात यह है कि धार्मिक आयोजनों और जुलूसों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सरकार ने विशेष बजट की मंजूरी दी है।
सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
सरकार ने साफ कर दिया है कि रामनवमी के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, साथ ही निगरानी के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
50 लाख रुपये तक खर्च की अनुमति
इस बार जिला स्तर पर धार्मिक आयोजनों के सुचारू संचालन के लिए करीब 50 लाख रुपये तक की राशि खर्च करने की अनुमति दी गई है। इस बजट का उपयोग सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, ट्रैफिक कंट्रोल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में किया जाएगा।
धार्मिक जुलूसों के लिए सख्त नियम
प्रशासन ने जुलूस निकालने वालों के लिए कुछ जरूरी नियम भी तय किए हैं। आयोजकों को पहले से अनुमति लेनी होगी और तय मार्ग का ही पालन करना होगा। इसके अलावा, लाउडस्पीकर और समय सीमा से जुड़े नियमों का भी पालन अनिवार्य रहेगा।
शांति बनाए रखने की अपील
सरकार और प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे अफवाहों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
त्योहार का माहौल और तैयारियां
पटना के कई इलाकों में रामनवमी को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। मंदिरों की सजावट शुरू हो चुकी है और श्रद्धालु पूजा-अर्चना की तैयारियों में जुट गए हैं। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है, जहां पूजा सामग्री और सजावट के सामान की खरीदारी जोरों पर है।
इस बार पटना में रामनवमी केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक तैयारी का भी एक बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है। सरकार का उद्देश्य साफ है—त्योहार को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना।






