माघ मेले में उमड़ा आस्था का महासागर, पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में डूबा प्रयागराज

प्रयागराज में चल रहे पावन माघ मेले के दौरान आस्था और भक्ति का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को भावविभोर कर दिया। शिवमहापुराण कथा के सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचन को सुनने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सीहोर से आए पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा ने पूरे मेला क्षेत्र को शिवमय बना दिया और “हर हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।

माघ मेले के सतुआ बाबा शिविर में आयोजित इस शिवमहापुराण कथा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कथा प्रारंभ होने से कई घंटे पहले ही श्रद्धालु पंडाल की ओर बढ़ने लगे थे। खाक चौक, महावीर मार्ग और आसपास के इलाकों में लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, भीड़ का दायरा फैलता चला गया और पूरा क्षेत्र श्रद्धा के महासंगम में तब्दील हो गया।

कथा स्थल से बाहर तक फैली भीड़

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टेंट के बहार तक जनसैलाब

कथा स्थल पर जगह सीमित होने के कारण हजारों श्रद्धालुओं को पंडाल के बाहर सड़कों, खुले मैदानों और शिविरों के आसपास बैठकर कथा सुनते देखा गया। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर किसी तरह की असहजता नहीं दिखी। हर कोई शिवभक्ति में लीन नजर आया। कई श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए कथा स्थल की ओर बढ़ते दिखे, तो कहीं परिवारों के साथ आए लोग जमीन पर आसन लगाकर प्रवचन सुनते रहे।

भीड़ की अप्रत्याशित संख्या को देखते हुए प्रशासन को कुछ मार्गों पर अस्थायी रूप से आवागमन रोकना पड़ा। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और मेला प्रशासन की टीम लगातार मुस्तैद रही। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालु सुरक्षित रूप से कथा का आनंद ले सकें।

ड्रोन कैमरे में कैद हुआ भक्ति का अद्भुत दृश्य

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ड्रोन कैमरों से सामने आए दृश्य इस बात की गवाही दे रहे थे कि शिवमहापुराण कथा को लेकर श्रद्धालुओं में कितना गहरा उत्साह था। दूर-दूर तक फैली भीड़, एकसाथ उठते “हर हर महादेव” के नारे और भगवा रंग में रंगा पूरा क्षेत्र किसी महापर्व जैसा प्रतीत हो रहा था। आसमान से दिखता यह नजारा माघ मेले के सबसे भव्य और यादगार पलों में शामिल हो गया।

श्रद्धालुओं का कहना था कि पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ जीवन के गूढ़ संदेश भी मिलते हैं। शिवभक्ति, कर्म और संस्कारों पर आधारित उनके प्रवचन लोगों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि हर उम्र के लोग—युवा, बुजुर्ग और महिलाएं—कथा में बढ़-चढ़कर शामिल हुए।

माघ मेले का प्रमुख आकर्षण बनी शिवमहापुराण कथा

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इस वर्ष माघ मेले में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन पंडित प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा आज के दिन का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरी। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को माघ मेले का “आध्यात्मिक शिखर” बताया।

कई श्रद्धालुओं ने कहा कि प्रयागराज की धरती पर गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के बीच शिवमहापुराण कथा सुनना उनके लिए सौभाग्य की बात है। यह अनुभव न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि मन को भी शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।

आस्था, व्यवस्था और अनुशासन का संगम

भारी भीड़ के बावजूद माघ मेले में अनुशासन और व्यवस्था देखने को मिली। प्रशासन, स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भी नियमों का पालन करते हुए धैर्य और सहयोग का परिचय दिया।

कुल मिलाकर, माघ मेले में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा ने यह साबित कर दिया कि आस्था की शक्ति आज भी लोगों को एक सूत्र में बांधने का काम करती है। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि माघ मेले की पहचान को और भी भव्य और ऐतिहासिक बना गया।

Ayush Mishra

journalist

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