15 अगस्त 2025 को देश ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रध्वज फहराया और उसके बाद देशवासियों को संबोधित किया। इस वर्ष समारोह की थीम “नया भारत” रखी गई थी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने का संदेश दिया।

यह अवसर प्रधानमंत्री मोदी के लिए ऐतिहासिक रहा क्योंकि यह लगातार 12वीं बार था जब उन्होंने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। ऐसा करने वाले वे पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन गए। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, विपक्ष के नेता, कई देशों के राजदूत, उच्च न्यायपालिका के न्यायाधीश और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। समारोह से एक दिन पहले 14 अगस्त की रात 10 बजे से ही वाणिज्यिक वाहनों की एंट्री दिल्ली सीमा पर रोक दी गई थी। लाल किला और उसके आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहा। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब तीन हजार जवानों की तैनाती की गई।
देशभर में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मनाया गया। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ। स्कूलों में प्रभात फेरियां, देशभक्ति गीत
और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। घरों, दफ्तरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा लहराता रहा। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के बलिदान को याद करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और प्रगति के संकल्प को दोहराने का अवसर बना।
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन ने लोगों में नई ऊर्जा और उत्साह भरा। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक मंच पर और मजबूत होकर उभरेगा।


















