स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने कई अहम प्रस्ताव पेश किए हैं। इन पहलों का लक्ष्य आधुनिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ स्किल्ड मैनपावर तैयार करना है।
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए नए अवसर
प्रस्ताव के तहत एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे पैरामेडिकल स्टाफ, टेक्नीशियन और सपोर्ट वर्कफोर्स को रोजगार के नए रास्ते मिलेंगे।
केयर इकोसिस्टम को किया जाएगा मजबूत
बुजुर्गों, दिव्यांगों और दीर्घकालिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए केयर इकोसिस्टम को और सशक्त बनाने की योजना है। इससे हेल्थकेयर सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
मेडिकल वैल्यू टूरिज्म के लिए विशेष हब
भारत को इलाज का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे। इससे न केवल विदेशी मरीजों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और रोजगार भी बढ़ेगा
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मानसिक स्वास्थ्य के लिए NIMHANS-2 की स्थापना
मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने के लिए NIMHANS-2 स्थापित करने का प्रस्ताव है। यह संस्थान इलाज, रिसर्च और ट्रेनिंग में अहम भूमिका निभाएगा।
जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर विस्तार
जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित कर उनकी क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी। इससे गंभीर मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सकेगा।
रोजगार और स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा लाभ
इन सभी प्रस्तावों से जहां एक ओर देश का स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए स्किल्ड और स्थायी रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।


















