गया जिले में दो दिन पहले एक दारोगा की फांसी लगाकर मौत की घटना के बाद अब जिले में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रविवार की रात अतरी थाने के प्रभारी संजय कुमार ने अपने दोनों हाथ की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। गनीमत रही कि समय पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया, जिससे उनकी जान बच गई। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
घर के अंदर खून से सना मिला कमरा
सूत्रों के मुताबिक, रविवार रात डीएसपी ने थानाध्यक्ष संजय कुमार को फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बाद में थाने के अन्य पुलिसकर्मियों ने भी संपर्क करने की कोशिश की, मगर कॉल नहीं उठी। संदेह होने पर पुलिस दल उनके आवास पहुंचा, जहां दरवाजा बंद मिला। जब कई बार आवाज देने पर भी जवाब नहीं मिला तो पुलिसकर्मी छत के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुए। अंदर का नज़ारा चौंकाने वाला था — कमरे में खून फैला हुआ था और संजय कुमार बेहोश हालत में पड़े थे, दोनों हाथों की नसें कटी हुई थीं।
अस्पताल में भर्ती, जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया। शुरुआती इलाज के लिए उन्हें पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में बेहतर उपचार हेतु अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि आत्महत्या के प्रयास के पीछे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।


















