पटना, 12 अगस्त 2025 – बिहार में घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को उपभोक्ताओं से ऑनलाइन संवाद किया। इस कार्यक्रम में राज्यभर से लगभग 16 लाख लोगों ने भाग लिया और अपनी राय रखी। सीएम ने नालंदा, सुपौल और गयाजी जिले की महिला उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत की।
महिलाओं की प्रतिक्रिया
नालंदा की लीला कुमारी ने कहा कि मुफ्त बिजली योजना से उनका बिल शून्य आ गया है, जिससे बची राशि वह बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों पर खर्च करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह कदम परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
गयाजी जिले की नूर जहां खातून ने भी बताया कि पहले वह बिजली बिल के रूप में हर महीने 400-500 रुपये चुकाती थीं, लेकिन अब वह रकम बच रही है। उनका कहना था कि यह बचत बच्चों की शिक्षा में सहायक होगी।
सुपौल की कोमल कुमारी ने कहा कि योजना से जो राशि बचेगी, उसे वह अपनी बेटी के बैंक खाते में जमा करेंगी। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री को आभार व्यक्त किया।
सीएम का जवाब और योजना का उद्देश्य
महिलाओं के अनुभव सुनने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने का निर्णय जुलाई माह से लागू कर दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 से पहले राज्य में बिजली की स्थिति बेहद खराब थी और पटना में भी दिन में 7-8 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं रहती थी।
सीएम ने बताया कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया, जिससे गांव-गांव और टोले-टोले तक बिजली पहुंचाई गई। सरकार ने हमेशा उपभोक्ताओं को लागत से कम दर पर बिजली उपलब्ध कराई है, और अब इसे पूरी तरह मुफ्त करने का फैसला लोगों के हित में लिया गया है।
ऊर्जा मंत्री का बयान
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अन्य राज्यों में 125 यूनिट से एक यूनिट भी ज्यादा खपत होने पर उपभोक्ताओं को पूरा बिल चुकाना पड़ता है। लेकिन बिहार में मुख्यमंत्री ने 100% सब्सिडी देने का फैसला किया है, जिससे आगे भी घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी।


















