घर में मौजूद मुलायम बिस्तर या आरामदायक सोफे को छोड़कर अगर आपका कुत्ता अक्सर दरवाज़े के पास लेटा दिखाई देता है, तो यह किसी परेशानी का संकेत नहीं होता। दरअसल, यह कुत्तों की सोच, उनकी सुरक्षा भावना और आसपास के माहौल से जुड़ा एक स्वाभाविक व्यवहार है, जिसे अक्सर इंसान गलत समझ लेते हैं।
चौकन्ना रहना कुत्तों की आदत है
कुत्ते जन्म से ही सतर्क रहने वाले जानवर होते हैं। चाहे वे गहरी नींद में हों या आराम कर रहे हों, उनके दिमाग का एक हिस्सा हमेशा आसपास की हलचल पर नजर रखता है। दरवाज़े के पास सोने से उन्हें बाहर से आने वाली आवाज़ें जल्दी सुनाई देती हैं, जिससे वे खुद को और अपने घर को सुरक्षित महसूस करते हैं।
बाहर और अंदर—दोनों पर नजर
दरवाज़ा घर का ऐसा हिस्सा होता है जहां से अंदर और बाहर, दोनों की गतिविधियां जुड़ी होती हैं। कुत्ते इस जगह को रणनीतिक मानते हैं। यहां बैठकर या लेटकर वे आने-जाने वाले लोगों, आवाज़ों और बदलावों को आसानी से समझ पाते हैं। यही वजह है कि उन्हें यह जगह ज्यादा सुरक्षित और कंट्रोल में महसूस होती है।
मालिक से जुड़ाव का संकेत
कई बार कुत्ते दरवाज़े के पास इसलिए भी सोते हैं क्योंकि वहीं से उनके मालिक के आने-जाने का रास्ता होता है। यह व्यवहार उनके भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। वे अपने इंसान के मूवमेंट को मिस नहीं करना चाहते और उसकी मौजूदगी को महसूस करते रहना चाहते हैं।
तापमान और आराम का कारण
यह भी देखा गया है कि दरवाज़े के पास का हिस्सा अक्सर ठंडा और हवादार होता है, खासकर गर्म मौसम में। कई कुत्ते ठंडी सतह पर सोना पसंद करते हैं। ऐसे में यह चुनाव पूरी तरह आराम से जुड़ा भी हो सकता है, न कि किसी मानसिक वजह से।
कब समझें कि कुछ गड़बड़ है?
अगर कुत्ता दरवाज़े के पास सोते हुए भी बार-बार उठ रहा हो, जरूरत से ज्यादा भौंक रहा हो या डर का व्यवहार दिखा रहा हो, तो यह चिंता या तनाव का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में उसके रूटीन, एक्सरसाइज़ और आराम की जगह पर ध्यान देना जरूरी होता है।
आप चाहें तो घर के किसी सुरक्षित कोने में आरामदायक बिस्तर रखें, उसके पसंदीदा खिलौने या उसकी जानी-पहचानी खुशबू वहां रखें। इससे वह धीरे-धीरे खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेगा।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और व्यवहार विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे किसी तरह की मेडिकल या प्रोफेशनल सलाह न समझें। किसी भी असामान्य व्यवहार की स्थिति में पशु चिकित्सक या विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित है।




















