न्यूज़ डेस्क पटना : गया ज़िले के आमस प्रखंड स्थित प्राचीन चंडीस्थान दुर्गा मंडप में रविवार को शारदीय नवरात्र का शुभारंभ कलश स्थापना के साथ हुआ। सुबह से ही मंडप परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल ध्वनियों के बीच स्थानीय समाजसेवी गोलू सिंह एवं संजय साव ने विधिवत कलश स्थापना की। वहीं पुजारी रामाशिष मिश्र ने पूरे वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना करवाई।
पूरे क्षेत्र से श्रद्धालु इस अवसर पर बड़ी संख्या में पहुंचे और मां दुर्गा के दरबार में नमन किया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश स्थापना और पूजन में भाग लिया।
इस बार की खास बात यह है कि श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने वाली स्प्रिंग वाली विशेष मूर्ति भी मंडप में विराजमान की जा रही है। इसे देखने के लिए भक्तों में खास उत्साह रहता है। मोनू वर्णवाल, सोनू गुप्ता सहित समिति के सदस्यों ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक सुबह-शाम आरती, दुर्गा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा।
चंडीस्थान दुर्गा मंडप का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। यहां दशकों से नवरात्र पर भव्य आयोजन होता आ रहा है। परंपरा के अनुसार, यहां मूर्ति का विसर्जन दशमी को नहीं किया जाता, बल्कि दशमी के दिन मंडप परिसर और आसपास विशाल मेला भरता है। यह मेला पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षण और आस्था का केंद्र होता है।
स्थानीय समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडप की सुंदर सजावट और उचित प्रबंध किए हैं। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवक भी लगाए गए हैं।
नवरात्र की शुरुआत के साथ ही पूरे इलाके में उत्साह का माहौल है और भक्तगण देवी मां की आराधना में डूबे हुए हैं।


















