केंद्रीय बजट 2026-27 में ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए “महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल” शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना और पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक बाजार से जोड़ना है। खादी और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को बेहतर प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
सरकार का मानना है कि यह पहल आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीन पर उतारने में सहायक होगी। साथ ही, ग्रामीण युवाओं को अपने ही गांव में स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन पर भी रोक लगेगी।
बजट में इस योजना के जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हुनर को आर्थिक विकास से जोड़ा जाएगा। आने वाले वर्षों में इसका सीधा लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कारीगर समुदाय को मिलने की उम्मीद है।


















