
पटना। बिहार सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 4954 नवचयनित एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और बेहतर बनाना है।
कार्यक्रम में क्या हुआ?
राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने सभी चयनित एएनएम को बधाई देते हुए कहा कि वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगी और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देंगी।
स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा बल
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जानकारी दी कि बिहार में पहले से ही 14,600 से अधिक गांवों और पंचायतों में स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर सक्रिय हैं। इन नए नियुक्तियों से इन केंद्रों की कार्यक्षमता और बेहतर होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं और सुलभ होंगी।
नए स्वास्थ्य केंद्रों की भी तैयारी
सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सुविधाओं का और विस्तार करना है। इसी दिशा में आने वाले समय में लगभग 2250 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
महिलाओं की भूमिका होगी मजबूत
एएनएम की नियुक्ति से विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। गांवों में टीकाकरण, प्रसव देखभाल और प्राथमिक इलाज जैसी सेवाएं अब और व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो पाएंगी।
सरकार की प्राथमिकता: बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों और नए केंद्रों के जरिए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना मुख्य उद्देश्य है। इससे अस्पतालों पर दबाव कम होगा और गांव स्तर पर ही लोगों को इलाज मिल सकेगा।





