पटना। बिहार सरकार राज्य में पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने जा रही है। इसके तहत पूरे बिहार में 500 ग्रीन बस स्टॉप बनाए जाएंगे। इन बस स्टॉप्स पर यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग की व्यवस्था भी होगी।
इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार की योजना के अनुसार, 400 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। इससे डीजल पर निर्भरता घटेगी और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। फिलहाल राज्य में करीब 100 ई-बसें संचालित हो रही हैं, जिनकी संख्या आने वाले समय में तेजी से बढ़ेगी।
चार्जिंग स्टेशन और प्रदूषण जांच केंद्र
परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए 2,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही 1,000 से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र भी खोले जाएंगे, ताकि वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित की जा सके।
ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और रोजगार के अवसर
हर अनुमंडल में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। इस योजना से लगभग 45,900 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
पटना में बढ़ी ई-बसों की संख्या
राजधानी पटना में पहले से ही 38 इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक चलाई जा रही हैं। आने वाले समय में अन्य जिलों—मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया—में भी यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
पर्यावरण और यात्रियों—दोनों को फायदा
ग्रीन बस स्टॉप्स पर बैठने, रोशनी, डिजिटल सूचना बोर्ड और स्वच्छता जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इससे यात्रियों को आराम मिलेगा और राज्य को एक ग्रीन व क्लीन ट्रांसपोर्ट मॉडल की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी |
बिहार सरकार की यह पहल न सिर्फ सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और शहरी सुविधाओं के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


















