By Aditya Raushan:
बिहार बना डिजिटल स्वास्थ्य का राष्ट्रीय मॉडल
बिहार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
इस मिशन के तहत नागरिकों को एक डिजिटल हेल्थ आईडी दी जाती है, जिससे उनके सभी मेडिकल रिकॉर्ड एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़े रहते हैं।
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क्या है आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन?
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य है—
•हर नागरिक के लिए डिजिटल हेल्थ आईडी बनाना
•अस्पताल, लैब और डॉक्टरों को एक प्लेटफॉर्म से जोड़ना
•मेडिकल रिपोर्ट को सुरक्षित डिजिटल रूप में रखना
•इलाज को तेज, आसान और पारदर्शी बनाना
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बिहार को कैसे मिला पहला स्थान?
बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से यह संभव हो पाया—
•गांव-गांव में जागरूकता अभियान
•डिजिटल रजिस्ट्रेशन कैंप
•आशा और स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण
•सरकारी व निजी अस्पतालों की भागीदारी
•तेज गति से हेल्थ आईडी निर्माण
इन्हीं प्रयासों से लाखों नागरिकों ने अपनी डिजिटल हेल्थ आईडी बनवाई।
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आम जनता को क्या लाभ?
डिजिटल हेल्थ मिशन से लोगों को कई सुविधाएं मिल रही हैं—
•कागजी फाइल साथ रखने की जरूरत नहीं
•मोबाइल से मेडिकल रिकॉर्ड देखने की सुविधा
•अस्पताल में जल्दी पंजीकरण
•इमरजेंसी में तुरंत इलाज
•बार-बार जांच कराने से राहत
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स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक की भूमिका
यह योजना दिखाती है कि डिजिटल इंडिया अब स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बदलाव ला रहा है। डॉक्टर अब मरीज का पुराना रिकॉर्ड देखकर बेहतर इलाज कर पा रहे हैं।
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अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा
बिहार की यह उपलब्धि साबित करती है कि सही योजना और इच्छाशक्ति से कोई भी राज्य डिजिटल बदलाव में आगे बढ़ सकता है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में बिहार का शीर्ष स्थान राज्य के लिए गर्व की बात है। यह एक स्वस्थ, सुरक्षित और डिजिटल भविष्य की ओर बड़ा कदम है।


















