कोलकाता वेयरहाउस आग पर अमित शाह का हमला: ममता सरकार पर आरोप, ‘कवर-अप’ का दावा

गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता के आनंदपुर इलाके में लगे वेयरहाउस आग हादसे को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि यह हादसा केवल आकस्मिक आग नहीं था, बल्कि संस्थागत भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही का परिणाम था, और राज्य सरकार इसे छिपाने की कोशिश कर रही है। 

शाह ने यह बयान भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिया, जिसमें उन्होंने वेयरहाउस में लगी आग के बारे में कई सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि व्यवस्थाओं में कोताही, अनुमति (NOC) न मिलने और अवैध निर्माण जैसी गंभीर समस्याओं के कारण हुआ। 

आग की त्रासदी और प्रतिक्रिया

आनंदपुर इलाके में स्थित वेयरहाउस में लगी आग ने कई कर्मचारियों की जान ले ली और कई लोग अभी भी लापता हैं। इस घटना में कई मजदूरों के जलकर मौतें हुईं और स्थानीय प्रशासन तथा राज्य सरकार की तात्कालिक प्रतिक्रिया को लेकर नाराज़गी और सवाल उठ रहे हैं। 

शाह ने आग पर प्रतिक्रिया में कहा कि वेयरहाउस बिना आवश्यक NOC के और अनधिकृत रूप से बनाया गया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आग की घटना के बाद क्यों वेयरहाउस के मालिक या संचालक के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं की गई। शाह ने कहा, “जब 32 घंटे बाद आग मंत्री हादसे स्थल पर पहुंचे, तब तक लोग जिंदा जल चुके थे।” 

उनका यह भी आरोप था कि इस मामले में राज्य सरकार जिम्मेदारों को बचाने और सच्चाई को ढकने की कोशिश कर रही है और यह घटना भ्रष्टाचार और संरक्षित लापरवाही की प्रतीक है। शाह ने वादा किया कि अगर भाजपा अप्रैल 2026 के चुनावों में सत्ता में आती है, तो वे इस मामले की पूरी, निष्पक्ष जांच कराएंगे। 

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

केन्द्रीय गृहमंत्री ने इस हादसे को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर आरोपों की एक लंबी पट्टी पेश की, जिसमें उन्होंने कहा कि आग जैसी बड़ी त्रासदी की जिम्मेदारियाँ राज्य प्रशासन की गलतियों और भ्रष्टाचार के नेटवर्क में होती हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लिया गया और राज्य ने संभावित सुरक्षा उल्लंघनों की अनदेखी की। 

शाह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने बंगाल को विकास के लिए विशाल राशि दी, लेकिन राज्य सरकार ने यह पैसा ग्रामों तक नहीं पहुँचाया, बल्कि इसे कथित रूप से टीएमसी के नेताओं और syndicate raj में लगा दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और डर की राजनीति ने बंगाल को समाज में कमजोर कर दिया है। 

घुसपैठ और सुरक्षा मुद्दे भी उठे

इस सम्मेलन के दौरान शाह ने घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बंगाल की सीमाओं पर बिना रोक-टोक घुसपैठ हो रही है और राज्य सरकार इससे निपटने में असमर्थ है। शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल अवैध घुसपैठियों के लिए एक सुरक्षित स्थल बना हुआ है, और यह मामला राज्य के सामाजिक ढांचे और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। 

उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वे सीमा सुरक्षा को मजबूत करेंगे और घुसपैठ को रोकने के लिए एक राष्ट्रीय ग्रिड लगाएंगे, जिससे अवैध प्रवेश को रोका जा सके। 

भ्रष्टाचार का आरोप और पार्टी टिकटों पर चुनौती

अमित शाह ने राज्य में भ्रष्टाचार को लेकर यह भी आरोप लगाया कि कई टीएमसी नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज हैं, फिर भी वे अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए हुए हैं। शाह ने ममता बनर्जी को चुनौती दी कि अगर वह वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, तो उन्हें अपनी पार्टी से संदिग्ध नेताओं के टिकट वापस ले लेने चाहिए। 

उनके बयान में यह भी कहा गया कि भाजपा सत्ता में आने पर ‘कट-मनी संस्कृति’ को समाप्त करेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, ताकि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। 

महिला सुरक्षा तथा अन्य मुद्दों पर हमला

शाह ने कहा कि बंगाल में महिला सुरक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है और राज्य सरकार की नीतियों ने इस दिशा में पर्याप्त काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद इन सभी मुद्दों पर ठोस कदम उठाएगी। 

उन्होंने यह भी कहा कि 2026 विधानसभा चुनाव बीजेपी कार्यकर्ताओं की बलिदान और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ लड़ाई के रूप में भी महत्वपूर्ण होगा। भाजपा की नीतियाँ और प्रस्ताव सेक्योर, भ्रष्टाचार-मुक्त और विकास-मुखी Bengal के लिए एक मौका देगी, जो पार्टी का चुनावी वादा भी है। 

समुदायों से सीधा संबोधन

शाह ने समारोह में माटुआ और नमसुद्रा समुदायों को संबोधित किया और कहा कि उन्हें अपने वोटों को लेकर भयभीत नहीं होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चाहे ममता सरकार विरोध करे, संचालन विशेष संशोधन (SIR) जारी रहेगा, और अवैध मतदाताओं को हटाया जाएगा, जिससे केवल वैध मतदाता चुनाव में शामिल होंगे। 

कोलकाता के आनंदपुर वेयरहाउस आग ताज़ा राजनीतिक विवाद का मुख्य विषय बन गया है, जहाँ मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा का दावा है कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही, भ्रष्टाचार और संरचनात्मक विफलताओं का परिणाम है, और उन्होंने कहा है कि वे इसे उजागर करेंगे तथा न्याय सुनिश्चित करेंगे अगर वे सत्ता में आएं। 

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