
गया/आमस : देशभर में रंगों का पावन पर्व होली हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में गया जिला के आमस प्रखंड क्षेत्र के वासियों ने भी आपसी भाईचारे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होली का त्योहार धूमधाम से मनाया। प्रखंड के चंडिस्थान गांव के खुले प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने एकत्र होकर फगुआ गीत गाए, ढोलक-मंजीरे की थाप पर झूमे और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाई दी।
कार्यक्रम का आयोजन सादगी और पारंपरिक वातावरण में किया गया था। गांव के बीचों-बीच टेंट लगाकर दरी बिछाई गई थी, जहां बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने बैठकर सामूहिक होली मिलन का आनंद लिया। ढोलक, झाल और मंजीरे की धुन पर पारंपरिक होली गीत गूंजते रहे। लोकधुनों पर आधारित फगुआ गीतों ने माहौल को पूरी तरह रंगमय बना दिया।
होली के इस आयोजन में चंदन कुमार, अर्जुन यादव, रामाशीष मिश्रा, शेखर चौरसिया, सतेंद्र चौधरी, कुंदन कुमार, आयुष मिश्रा, रवि गागर और सुरेश वर्णवाल सहित कई प्रमुख लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन सभी ने आयोजन की व्यवस्था संभाली और यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने बताया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक है। गांव के बुजुर्गों ने युवाओं को आशीर्वाद दिया और कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर पारंपरिक व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। महिलाओं द्वारा बनाए गए पुआ, पकवान, दही-बड़ा और अन्य मिठाइयों का वितरण किया गया। लोगों ने एक-दूसरे को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। बच्चों में खासा उत्साह देखा गया, जो रंग-गुलाल के साथ इधर-उधर दौड़ते नजर आए।
कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने कहा कि आधुनिक दौर में जहां लोग व्यस्त जीवनशैली के कारण एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, वहीं ऐसे त्योहार लोगों को एक मंच पर लाने का काम करते हैं। सामूहिक होली मिलन कार्यक्रम से गांव में नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश गया है।
सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए आयोजकों ने विशेष ध्यान रखा। सभी ने आपसी समझदारी और संयम का परिचय देते हुए त्योहार को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
होली के इस रंगीन आयोजन ने यह संदेश दिया कि परंपराओं को जीवित रखते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ त्योहार मनाना ही भारतीय संस्कृति की असली पहचान है। गया जिला के आमस वासियों का यह सामूहिक प्रयास निश्चित रूप से समाज में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
अंत में सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और भविष्य में भी इसी तरह मिलजुलकर त्योहार मनाने का संकल्प लिया। रंगों, संगीत और मिठास से सराबोर यह होली लंबे समय तक लोगों की यादों में बनी रहेगी।





