
नई दिल्ली: देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के नेताओं ने “AI Impact Summit 2026” में साफ कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) रोजगार खत्म करने नहीं, बल्कि काम करने के तरीके बदलने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग नई तकनीक सीखेंगे, उनके लिए अवसर पहले से ज्यादा बढ़ेंगे, जबकि बदलाव से दूर रहने वालों को मुश्किलें हो सकती हैं।
नौकरी खत्म नहीं होगी, काम का तरीका बदलेगा
समिट में वक्ताओं ने बताया कि आने वाले वर्षों में कंपनियां पारंपरिक कामों को ऑटोमेशन से करवाएंगी। इससे कुछ पुराने पद कम हो सकते हैं, लेकिन उसी के साथ नई तरह की नौकरियां पैदा होंगी — जैसे डेटा विश्लेषण, एआई संचालन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल डिजाइन और टेक सपोर्ट।
उनका कहना था कि कर्मचारी अगर अपने कौशल को अपडेट करते रहें तो नौकरी जाने का डर काफी हद तक खत्म हो सकता है।
एआई सीखना क्यों जरूरी
विशेषज्ञों ने युवाओं और कर्मचारियों को सलाह दी कि वे तकनीक से दूरी बनाने के बजाय उसे अपनाएं।
एआई टूल्स की समझ
डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग
डेटा और कंप्यूटर से जुड़े बेसिक कौशल
अब लगभग हर क्षेत्र में जरूरी होते जा रहे हैं — चाहे बैंकिंग हो, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा या सरकारी कामकाज।
नए अवसर कहां बनेंगे
. तकनीकी बदलाव के साथ कई क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने की संभावना बताई गई:
. आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाएं – एआई आधारित एप्लिकेशन और सिस्टम
. हेल्थ सेक्टर – मरीजों की जांच और रिपोर्ट विश्लेषण
. मैन्युफैक्चरिंग – स्मार्ट मशीनें और ऑटोमेशन
. डिजिटल मार्केटिंग – कंटेंट, विज्ञापन और ग्राहक विश्लेषण
. साइबर सुरक्षा – ऑनलाइन डेटा की सुरक्षा
कंपनियों और सरकार की भूमिका
विशेषज्ञों ने कहा कि संस्थानों को कर्मचारियों को ट्रेनिंग देना जरूरी होगा। कंपनियों को “री-स्किल” और “अप-स्किल” कार्यक्रम चलाने चाहिए ताकि पुराने कर्मचारी भी नई तकनीक के साथ काम कर सकें।
साथ ही सरकार से भी डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
युवाओं के लिए संदेश
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में डिग्री से ज्यादा महत्व कौशल (Skill) का होगा।
. लगातार सीखना
. नई तकनीक को अपनाना
. समस्या-समाधान क्षमता विकसित करना
. यही भविष्य के करियर की सबसे बड़ी सुरक्षा होगी।
समिट में निष्कर्ष निकला कि एआई रोजगार के लिए खतरा नहीं, बल्कि बदलाव का संकेत है। जो लोग समय रहते नई तकनीक सीखेंगे, उनके लिए अवसरों की कमी नहीं होगी। इसलिए डरने की बजाय खुद को अपडेट करना ही आने वाले डिजिटल दौर में सफलता की कुंजी माना गया।







