हर साल 7 फरवरी एक खास वजह से याद किया जाता है। यह दिन न सिर्फ प्यार और भावनाओं की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि सच्चाई की आवाज़ बनने वाले पत्रकारों को सम्मान देने का अवसर भी है। इस तारीख का महत्व युवाओं से लेकर मीडिया जगत तक, सभी के लिए खास होता है।
रोज डे: प्यार जताने का पहला कदम
7 फरवरी को रोज डे के रूप में मनाया जाता है, जो वैलेंटाइन वीक की शुरुआत करता है। इस दिन गुलाब सिर्फ एक फूल नहीं, बल्कि भावनाओं की भाषा बन जाता है।
. लाल गुलाब – सच्चा प्यार
. गुलाबी गुलाब – अपनापन और कृतज्ञता
. पीला गुलाब – दोस्ती और खुशी
लोग अपने प्रियजनों, दोस्तों और परिवार को गुलाब देकर रिश्तों में मिठास घोलते हैं।
राष्ट्रीय रिपोर्टर दिवस: सच्चाई की आवाज़ को समर्पित दिन
राष्ट्रीय रिपोर्टर दिवस (National Reporter Day) हर साल 7 फरवरी को भारत में मनाया जाता है। यह दिन उन रिपोर्टर्स को सम्मान देने के लिए समर्पित है, जो ज़मीनी स्तर पर जाकर खबरों की सच्चाई सामने लाते हैं। कैमरे के पीछे और भीड़ से दूर रहकर काम करने वाले ये लोग लोकतंत्र की असली ताकत होते हैं।
✍️ रिपोर्टर की भूमिका क्यों है इतनी अहम?
रिपोर्टर सिर्फ खबर लिखने या दिखाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह समाज और सत्ता के बीच एक सेतु होता है।
वह जनता की समस्याओं को उजागर करता है
भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाता है
आपदा, चुनाव, युद्ध जैसे हालात में भी सच सामने लाता है
कई बार रिपोर्टर अपनी जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग करते हैं, ताकि देश और समाज सच्चाई से अवगत रह सके।
लोकतंत्र की रीढ़ हैं रिपोर्टर
स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के बिना लोकतंत्र अधूरा है। रिपोर्टर सरकार, प्रशासन और समाज—तीनों को जवाबदेह बनाते हैं। यही कारण है कि उन्हें लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है।
राष्ट्रीय रिपोर्टर दिवस का संदेश
यह दिन हमें याद दिलाता है कि
. सच्ची खबरों की कद्र करें
. फेक न्यूज़ से बचें
. ईमानदार पत्रकारिता का सम्मान करें
साथ ही, यह समाज से यह अपील भी करता है कि रिपोर्टर्स की सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
7 फरवरी हमें यह सिखाता है कि एक ओर जहाँ प्यार रिश्तों को मजबूत बनाता है, वहीं सच्ची खबरें समाज को जागरूक रखती हैं। यही कारण है कि यह दिन दिल और दिमाग—दोनों से जुड़ा हुआ है।

















