बिहार सरकार ने बजट 2026-27 में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य के 58 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे उन्हें सस्ती और स्वच्छ बिजली मिल सकेगी। इस योजना का उद्देश्य न सिर्फ बिजली खर्च कम करना है, बल्कि बिहार को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाना भी है।
पहले चरण में 10 लाख घरों को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार, योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में 10 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। प्रत्येक घर में लगभग 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे घरेलू बिजली जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी।
सरकारी भवनों पर भी लगेगा सोलर प्लांट
बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक 112 मेगावाट के सोलर प्लांट सरकारी इमारतों पर लगाए जा चुके हैं। इससे सरकारी बिजली खर्च में बड़ी बचत होगी।
सोलर स्ट्रीट लाइट से गांव होंगे रोशन
ग्रामीण इलाकों में रोशनी बढ़ाने के लिए सरकार सोलर स्ट्रीट लाइट योजना को भी विस्तार दे रही है। सभी पंचायतों में 12 लाख से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। अब तक 8.44 लाख स्ट्रीट लाइट लगाई जा चुकी हैं, जिससे गांवों में रात के समय सुरक्षा और आवागमन बेहतर हुआ है।
2400 मेगावाट तक सोलर उत्पादन का लक्ष्य
राज्य सरकार ने सोलर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाकर 2400 मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। भागलपुर के पीरपैंती क्षेत्र में 800 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से एक इकाई 2029-30 तक पूरी होने की संभावना है।
बिजली उपभोक्ताओं को राहत
स्मार्ट मीटर, प्रीपेड सिस्टम और सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिल रही है। अब तक लाखों घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे बिजली बिल में पारदर्शिता आई है और अनावश्यक खर्च कम हुआ है।
बिहार की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम
यह योजना बिहार को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। गरीब परिवारों को मुफ्त या कम लागत पर बिजली मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।


















