अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया, कई उद्योगों पर संकट गहराया

अमेरिका ने भारत से आयात किए जाने वाले कुछ उत्पादों पर 25% पारस्परिक शुल्क लागू किया है, जो 7 अगस्त से प्रभावी हो चुका है। इसके साथ ही, 27 अगस्त से अतिरिक्त 25% शुल्क भी जोड़ा जाएगा। इस तरह कुल 50% अमेरिकी टैरिफ का असर भारत के कई प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर पड़ेगा। व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से झींगा, जैविक रसायन, परिधान और आभूषण समेत नौ उत्पाद श्रेणियों के निर्यात पर 50–70% तक गिरावट आ सकती है।

55% निर्यात टैरिफ के दायरे में
अनुमानों के अनुसार, भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले कुल निर्यात का करीब 55% अब पारस्परिक टैरिफ के दायरे में आ गया है। यह अतिरिक्त शुल्क कई व्यापारिक क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करेगा। क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हीरा, झींगा, कपड़ा, कालीन, रेडीमेड गारमेंट्स (RMG), केमिकल, एग्रोकेमिकल, पूंजीगत सामान और सोलर पैनल निर्माण जैसे सेक्टर खतरे में हैं, क्योंकि इनका अमेरिका के साथ गहरा व्यापारिक संबंध है।

हीरा पॉलिशिंग उद्योग पर गहरा असर
भारत के पॉलिश किए हुए हीरों का लगभग आधा निर्यात अमेरिका को होता है। पिछले वित्त वर्ष में यह हिस्सा कुल राजस्व का करीब 25% था। पहले से ही प्राकृतिक हीरों की घटती मांग और लैब में बने हीरों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण यह क्षेत्र दबाव में था, अब टैरिफ बढ़ने से राजस्व में बड़ी गिरावट का खतरा है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) के चेयरमैन किरीट भंसाली के अनुसार, अमेरिका भारतीय रत्न एवं आभूषण क्षेत्र का सबसे बड़ा बाजार है, जिसका वार्षिक मूल्य 10 अरब डॉलर से अधिक है। टैरिफ वृद्धि के साथ, पूरा उद्योग प्रभावित हो सकता है और हजारों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ सकती है।

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झींगा निर्यात पर संकट
भारत का झींगा निर्यात भी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। अमेरिकी बाजार से भारतीय झींगा उद्योग को 48% तक राजस्व प्राप्त होता है। वित्त वर्ष 2024–25 में भारत ने अमेरिका को करीब 2 अरब डॉलर मूल्य के झींगे निर्यात किए, जो वहां के कुल झींगा आयात का लगभग 9.52% है। इस साल अब तक 50 करोड़ डॉलर का निर्यात हो चुका है। समुद्री खाद्य निर्यातक संघ (SEAI) के महासचिव के. एन. राघवन के अनुसार, नए शुल्क के कारण भारतीय उत्पाद अब चीन, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों की तुलना में कम प्रतिस्पर्धी हो गए हैं, क्योंकि वहां से आने वाले उत्पादों पर केवल 20–30% अमेरिकी शुल्क लगता है।

कपड़ा और रसायन उद्योग पर भी प्रभाव
अमेरिका में भारत का कपड़ा निर्यात लगभग 11 अरब डॉलर का है, जो अमेरिका के कुल कपड़ा आयात का करीब 9% है। वहीं, रसायन निर्यात लगभग 6 अरब डॉलर का है। वित्त वर्ष 2024–25 में भारत और अमेरिका के बीच कुल 131.8 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ, जिसमें भारत का निर्यात 86.5 अरब डॉलर और आयात 45.3 अरब डॉलर रहा।

Ayush Mishra

journalist

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