बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के राजस्व को लेकर बड़ा अनुमान पेश किया है। अनुमान के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में बिहार को कुल 2.77 लाख करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। यह अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर आर्थिक प्रगति और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।
बजट अनुमान में क्या है खास
राज्य के बजट दस्तावेज़ों के अनुसार, यह राजस्व विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होगा, जिसमें राज्य कर, केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता, गैर-कर राजस्व और ऋण की वसूली शामिल है। सरकार का मानना है कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी और कर संग्रह में सुधार से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
राज्य सरकार के राजस्व स्रोत
राज्य सरकार को मिलने वाले कुल राजस्व में सबसे बड़ा योगदान राज्य कर राजस्व का रहेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार से मिलने वाला अनुदान भी आय का एक अहम हिस्सा होगा। गैर-कर राजस्व, जैसे शुल्क, लाइसेंस और अन्य सेवाओं से होने वाली आय भी इसमें शामिल है।
केंद्र से मिलने वाली सहायता
केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान और हिस्सेदारी को भी बजट अनुमान में महत्वपूर्ण माना गया है। इससे विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़ी परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी।
आर्थिक विकास पर असर
इस बढ़े हुए राजस्व अनुमान से साफ है कि राज्य सरकार विकास कार्यों पर अधिक खर्च करने की स्थिति में होगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, परिवहन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, रोजगार सृजन और निवेश को भी बढ़ावा मिल सकता है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार सरकार का यह राजस्व अनुमान राज्य की आर्थिक दिशा को मजबूत करने की ओर इशारा करता है। यदि अनुमान के अनुसार आय प्राप्त होती है, तो राज्य में विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है और आम लोगों को कई योजनाओं का लाभ मिलेगा।


















